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ॐ जय जगदीश हरे आरती | Om Jai Jagdish Hare Aarti Lyrics

Om Jai Jagdish Hare Lyrics

👤 Trishakti Spiritual Editorial Team

📅 Published: June 29, 2026

🔄 Updated: August 6, 2026

ॐ जय जगदीश हरे आरती | Om Jai Jagdish Hare Aarti Lyrics

ॐ जय जगदीश हरे आरती के सम्पूर्ण बोल हिंदी में पढ़ें। यह भगवान विष्णु की प्रसिद्ध आरती है, जिसे दैनिक पूजा और धार्मिक अवसरों पर गाया जाता है।

ॐ जय जगदीश हरे आरती

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी ! जय जगदीश हरे ।
भक्त / दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे ॥
ॐ जय जगदीश हरे…

जो ध्यावे फल पावे, दुःख विनसे मन का, स्वामी दुःख विनसे मन का ।
सुख सम्पत्ति घर आवे, कष्ट मिटे तन का ॥
ॐ जय जगदीश हरे…

मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूँ मैं किसकी, स्वामी शरण गहूँ मैं किसकी ।
तुम / प्रभु बिन और न दूजा, आस करूँ मैं जिसकी ॥
ॐ जय जगदीश हरे…

तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी, स्वामी तुम अन्तर्यामी ।
पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सबके स्वामी ॥
ॐ जय जगदीश हरे…

तुम करुणा के सागर, तुम पालन-कर्ता, स्वामी तुम पालन-कर्ता ।
मैं मूरख खल कामी, मैं सेवक तुम स्वामी, कृपा करो भर्ता॥
ॐ जय जगदीश हरे…

तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति, स्वामी सबके प्राणपति ।
किस विधि मिलूँ दयालु, तुमको मैं कुमति ॥
ॐ जय जगदीश हरे…

दीनबन्धु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे, स्वामी तुम रक्षक मेरे ।
अपने हाथ उठा‌ओ, अपनी शरण लगाओ, द्वार पड़ा मैं तेरे ॥
ॐ जय जगदीश हरे…

विषय-विकार मिटा‌ओ, पाप हरो देवा, स्वमी कष्ट हरो देवा ।
श्रद्धा-भक्ति बढ़ा‌ओ, श्रद्धा-प्रेम बढ़ा‌ओ, सन्तन की सेवा ॥
ॐ जय जगदीश हरे…

तन मन धन सब है तेरा, स्वामी सब कुछ है तेरा ।
तेरा तुझको अर्पण, क्या लागे मेरा ॥
ॐ जय जगदीश हरे…

श्री जगदीशजी की आरती, जो कोई नर गावे, स्वामी जो कोई नर गावे ।
कहत शिवानन्द स्वामी, सुख संपत्ति पावे ॥
ॐ जय जगदीश हरे…

Lord Vishu के बारे में अधिक जानकारी यहाँ पढ़ें → Wikipedia

Om Jai Jagdish Hare Aarti Lyrics

Om Jai Jagdish Hare, Swami Jai Jagdish Hare,
Bhakt Janon Ke Sankat, Kshan Mein Door Kare ॥
Om Jai Jagdish Hare…

Jo Dhyave Phal Paave, Dukh Vinse Man Ka, Swami Dukh Vinse Man Ka,
Sukh Sampatti Ghar Aave, Kasht Mite Tan Ka ॥
Om Jai Jagdish Hare…

Maat Pita Tum Mere, Sharan Gahoon Main Kiski, Swami Sharan Gahoon Main Kiski,
Tum Bin Aur Na Dooja, Aas Karoon Main Jiski ॥
Om Jai Jagdish Hare…

Tum Puran Parmatma, Tum Antaryami, Swami Tum Antaryami,
Parbrahm Parmeshwar, Tum Sabke Swami ॥
Om Jai Jagdish Hare…

Tum Karuna Ke Sagar, Tum Palan Karta, Swami Tum Palan Karta,
Main Moorakh Khal Kaami, Main Sevak Tum Swami, Kripa Karo Bharta ॥
Om Jai Jagdish Hare…

Tum Ho Ek Agochar, Sabke Pranpati, Swami Sabke Pranpati,
Kis Vidhi Miloon Dayalu, Tumko Main Kumati ॥
Om Jai Jagdish Hare…

Deen Bandhu Dukh Harta, Tum Thakur Mere, Swami Tum Rakshak Mere,
Apne Haath Uthao, Apni Sharan Lagao, Dwar Pada Main Tere ॥
Om Jai Jagdish Hare…

Vishay Vikaar Mitao, Paap Haro Deva, Swami Kasht Haro Deva,
Shraddha Bhakti Badhao, Shraddha Prem Badhao, Santan Ki Seva ॥
Om Jai Jagdish Hare…

Tan Man Dhan Sab Hai Tera, Swami Sab Kuch Hai Tera,
Tera Tujhko Arpan, Kya Laage Mera ॥
Om Jai Jagdish Hare…

Shri Jagdish Ji Ki Aarti, Jo Koi Nar Gaave, Swami Jo Koi Nar Gaave,
Kahat Shivanand Swami, Sukh Sampatti Paave ॥
Om Jai Jagdish Hare…

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👤 लेखक

Trishakti Spiritual Editorial Team

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पाठ करने की विधि

🌅

प्रातःकाल करें पाठ

सुबह स्नान के बाद स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करें।

🪔

दीप और तुलसी अर्पित करें

भगवान विष्णु के सामने दीप, धूप और तुलसी दल अर्पित करें।

📿

एकाग्र मन से पाठ करें

पूरे श्रद्धा और भक्ति के साथ पाठ करें।

🙏

अंत में प्रार्थना करें

भगवान विष्णु से रक्षा और कल्याण की प्रार्थना करें।

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